भारतीय समाज में नारी का गौरवपूर्ण स्थान !

maa bharati shri ji

भारतीय समाज में नारी का गौरवपूर्ण स्थान !

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।

‘जिस कुल में स्त्रियों का आदर है वहाँ देवता प्रसन्न रहते हैं।’

इस प्रकार शास्त्रों में नारी की महिमा  बतायी गयी है। भारतीय समाज में नारी का एक विशिष्ट व गौरवपूर्ण स्थान है। वह भोग्य नहीं है बल्कि पुरुष को भी शिक्षा देने योग्य चरित्र बरत सकती है। अगर वह अपने चरित्र और साधना में दृढ़ तथा उत्साही बन जाय तो अपने माता, पिता, पति, सास और श्वसुर की भी उद्धारक हो सकती है।

धर्म (आचारसंहिता) की स्थापना भले आचार्यों ने की, पर उसे सँभाले रखना, विस्तारित करना और बच्चों में उसके संस्कारों का सिंचन करना इन सबका श्रेय नारी को जाता है। भारतीय संस्कृति ने स्त्री को माता के रूप में स्वीकार करके यह बात प्रसिद्ध की है कि नारी पुरुष के कामोपभोग की सामग्री नहीं बल्कि वंदनीय, पूजनीय है।

 

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